आखिर क्यों दी जाती है हर तीन महीने में डायबिटीज टेस्ट कराने की सलाह? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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आखिर क्यों दी जाती है हर तीन महीने में डायबिटीज टेस्ट कराने की सलाह? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

  • April 14, 2026

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सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि शरीर से जुड़ी हर बीमारी आजकल बहुत आम हो गई है। आप देखेंगे कि आज के समय में डायबिटीज की समस्या तो इतनी ज्यादा आम हो गई है, कि हर दूसरे घर में इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति जरूर होगा। आम तौर पर, यह समस्या विशेष तौर पर, खराब जीवनशैली, मोटापे और अनुवांशिक कारणों की वजह से ही होती है। दरअसल, 45 साल से भी ज्यादा उम्र के लोगों को यह समस्या परेशान करती है। इस समस्या का संबंध सीधा ब्लड शुगर से होता है। डायबिटीज की समस्या असल में जिसे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर के नाम से भी जाना जाता है। असल में, डायबिटीज की समस्या का निर्माण तब होता है, जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है, या फिर उसका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इसकी वजह से ही खून में ग्लूकोज की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ जाती है। आम तौर पर, डायबिटीज एक इस तरह की गंभीर बीमारी है, जो व्यक्ति के शरीर में जिंदगी भर बनी रहती है। दरअसल, इस बीमारी को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता, सिर्फ इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए, जो भी व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित होता है, वो जिंदगी भर के लिए एक बड़ी परेशनी में घिर जाता है। इसी के चलते हर उस व्यक्ति को जो डायबिटीज जैसी समस्या से पीड़ित होता है, उसको नियमित रूप से अपना टेस्ट करवाते रहना चाहिए। ताकि समय- समय पर ब्लड शुगर के स्तर की सही और पूरी जानकारी मरीज को प्राप्त हो सके। 

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आमतौर पर, समस्या का पता चलते ही आपको तुरंत पाने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, न कि उसको आम समझ कर ऐसे ही नजरअंदाज कर देना चाहिए। क्योंकि, नजरअंदाज करने पर आपको कई तरह की सेहत समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है, इसलिए वक्त रहते समस्या का इलाज जरूरी होता है। दरअसल, आपको हर बार ये सुनने को मिला होगा, कि हर तीन महीने में डायबिटीज के मरीजों को डायबिटीज का टेस्ट करवाने की सलाह जरूर दी जाती है। ऐसे में, बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है, कि आखिर ऐसा करने के लिए क्यों कहा जाता है? दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि हर तीन महीने में ब्लड शुगर टेस्ट कराना मरीज की सेहत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर, इस दौरान इस तरह की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि क्योंकि इससे पिछले 8 से 12 हफ्तों के एवरेज ब्लड शुगर के लेवल की जानकारी प्राप्त होती है। ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि इससे मरीज की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। आम तौर पर, यह जांच इसलिए भी की जाती है, ताकि इस से दवाओं के असर के बारे में पता चल सके और साथ में किडनी और आंखों की गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सके। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं 

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आखिर कौन-सा टेस्ट ब्लड शुगर की जांच के लिए महत्वपूर्ण होता है? 

अब इस बात से सभी वाकिफ हो गए हैं, कि हर तीन महीनों में डायबिटीज के मरीजों को अपना टेस्ट कराना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति में, विशेष तौर पर HbA1c टेस्ट कराने की सलाह प्रदान की जाती है। यह ब्लड शुगर की जांच के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बारे में अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक HbA1c हीमोग्लोबिन से जुड़े ब्लड शुगर की मात्रा को मापने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। आम तौर पर, ऐसे में इस बात का ध्यान जरूर रखें, कि हीमोग्लोबिन आपके रेड ब्लड सेल्स का एक वह हिस्सा है होता है, जो दरअसल फेफड़ों के माध्यम से आपके पुरे शरीर में ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम बखूबी करता है। दरअसल, डायबिटीज से पीड़ित मरीज अगर इस टेस्ट को करवाते हैं, तो इससे उन को अपने ब्लड शुगर के स्तर की सही जानकारी प्राप्त हो सकती है 

हर तीन महीने में डायबिटीज टेस्ट कराने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?

हर तीन महीने में डायबिटीज टेस्ट कराने के फायदे निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. इलाज के असर की जानकारी प्राप्त होना 

दरअसल, इस तरह की स्थिति में, HbA1c टेस्ट करवाने से समस्या के दौरान दी गई दवा के प्रभाव की सही जानकारी प्राप्त होती है। आम तौर पर, ऐसे में विशेष बात यह है, कि इस टेस्ट के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त होती है, कि मरीज को अपनी डाइट या फिर जीवन शैली में किस तरह के बदलावों को शामिल करना चाहिए या फिर नहीं। 

  1. लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों से बचाव होना 
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HbA1c टेस्ट डायबिटीज के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। दरअसल, इस टेस्ट को करवाने से मरीज लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों से बच सकता है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखें, कि डायबिटीज की दवा शरीर के अंग जैसे किडनी पर अपना बुरा प्रभाव डाल सकती है। 

निष्कर्ष: डायबिटीज की समस्या आम है, जिस पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है। समस्या का पता चलते ही आपको तुरंत पाने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, न कि इसे नजरअंदाज कर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करंबा चाहिए। यह आम जरूर है, पर यह एक गंभीर बीमारी है, जो पीड़ित व्यक्ति के साथ जिंदगी भर रहती है। इसे जड़ से ठीक नहीं किया जा सकता, केवल कोंट्रोक किया जा सकता है। इसलिए, डायबिटीज के मरीजों को हर तीन महीने में HbA1c टेस्ट करवाने की सलाह जरूर दी जाती है, ताकि इससे मरीज की वर्तमान स्थिति के बारे में पता चल सके। पता चल सके कि मरीज के ऑर्गन ठीक तरीके से काम कर रहे हैं, या फिर नहीं और आगे कौन सी समस्याएं आ सकती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानने के लिए और डायबिटीज जैसी समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेदशाला के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।