देश में बढ़ती डायबिटीज, हाइपरटेंशन और फैटी लिवर की समस्या को कम करने के लिए किन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

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देश में बढ़ती डायबिटीज, हाइपरटेंशन और फैटी लिवर की समस्या को कम करने के लिए किन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

  • February 13, 2026

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आज लोग शरीर से जुड़ी न जाने कितनी ही समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें से किसी का इलाज संभव है, तो किसी का असंभव। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि भारत में ज्यादातर लोगों में डायबिटीज, हाइपरटेंशन, फैटी लिवर और हार्ट से जुड़ी बीमारियां इतनी ज्यादा बढ़ रही है, कि कई बार ठीक से इलाज न मिलने पर, कम से कम लाखों लोगों की मौत हो जाती है। आम तौर पर, ऐसी बीमारियां ज्यादातर एक व्यक्ति के लाइफस्टाइल से जुड़ी होती हैं, जिस में होने वाली गड़बड़ी इस तरह की समस्याओं को बुलावा देती है। 

दरअसल, अगर आप अपने बिगड़ते हुए लाइफस्टाइल को बेहतर बना लेते हैं, तो आप इस तरह की समस्या से काफी हद तक अपना बचाव कर सकते हैं। इसके अलावा, आप लाइफस्टाइल से जुड़ी इस तरह की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए एलोपैथिक दवाओं के साथ-साथ दूसरे तरीकों से तैयार दवाओं का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आम तौर पर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, फैटी लिवर और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का इलाज करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण हर्ब्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और फैटी लिवर की बढ़ती समस्या को कम करने के लिए गुड़मार, अश्वगंधा, लहसुन, शहद, कैमोमाइल, सना, हलेला, जर्द जैसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। आम तौर पर, नॉन कम्युनिकेबल समस्याएं जो छूने से नहीं फैलती दरअसल, उनको इन जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इन जड़ी बूटियों के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

डायबिटीज, हाइपरटेंशन और फैटी लिवर की समस्या के लिए जड़ी बूटियां!

आम तौर पर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन और फैटी लिवर जैसी समस्या को कम करने के लिए निम्नलिखित जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे कि 

  • डायबिटीज के लिए जड़ी बूटियां 

आज के समय में डायबिटीज जैसी समस्या लोगों में आम देखी जा सकती है। जिस से आज लाखों लोग पीड़ित हैं। दरअसल, अगर आप इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक इलाज चाहते हैं, तो इसके लिए आप कुछ विशेष जड़ी बूटियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह जड़ी बूटियां न केवल आपकी सेहत के लिए लाभदायक साबित होती है, बल्कि इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए काफी हद तक आपकी सहायता करती है। इन जड़ी बूटियों में गुड़मार, अश्वगंधा, लहसुन शामिल हो सकता है। हालांकि, किसी भी समस्या में किसी भी तरह की जड़ी बूटी का इस्तेमाल करने कसे पहले आपको एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। 

  • हाइपरटेंशन के लिए जड़ी बूटियां 

आज के समय में ज्यादातर लोगों को अपने खराब लाइफस्टाइल की वजह से ही कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें हाइपरटेंशन की समस्या लोगों में आम देखी जा सकती है। इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको सबसे पहले अपने लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने की काफी ज्यादा जरूरत होती है, जिसमें अपने खानपान में बदलाव करना और कुछ वक्त के लिए योग करना भी शामिल होता है। इसके अलावा, अश्वगंधा, शहद और कैमोमाइल जैसी जड़ी बूटियों की सहायता से भी आप हाइपरटेंशन जैसी समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं। 

  • फैटी लिवर के लिए जड़ी बूटियां 

आज के समय में लोगों को फैटी लिवर जैसी समस्या होना काफी ज्यादा आम हो गया है। आम तौर पर, इस तरह की समस्या से न केवल बुजुर्ग बल्कि बच्चे भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं। दरअसल, डॉक्टर का इस मामले में कहना है, कि अगर पीड़ित व्यक्ति अपने लाइफस्टाइल को बेहतर बना लेता है, तो फैटी लिवर जैसी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा, सना, हलेला, जर्द जैसी कुछ महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करके भी फैटी लिवर जैसी समस्या को ठीक किया जा सकता है। इन जड़ी बूटियों का सेवन करने से पहले आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क चाहिए। 

निष्कर्ष: आजकल ज्यादातर लोगों में डायबिटीज, हाइपरटेंशन, फैटी लिवर और दिल से जुड़ी बीमारियां बहुत आम हैं। जिसकी वजह से लाखों लोगों की मौत हो रही है। ये बीमारियां ज्यादातर इंसान की लाइफस्टाइल से जुड़ी होती हैं, जिसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी से ये बीमारियां हो जाती हैं। भारत में आज नॉन कम्युनिकेबल समस्याएं (छूने से न फैलने वाली बीमारी) बढ़ती जा रही हैं, जिसमें डायबिटीज, हाइपरटेंशन, फैटी लिवर जैसी समस्याएं शामिल हैं। इन बीमारियों की वजह से हर साल लगभग 5.8 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है। डायबिटीज, हाइपरटेंशन, फैटी लिवर और दिल से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बाहर के खाने की बजाए, घर में तैयार रागी, बाजरा और हरी सब्जियों को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है और आप इस तरह की समस्याओं से भी बचे रहेंगे। इसके लिए आप योग और एक अच्छी और गहरी नींद भी ले सकते हैं। साथ ही, नॉन-कम्युनिकेबल बीमारियों से बचने के लिए आप डॉक्टर की सलाह पर इस लेख में बताई गई कुछ महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रहे, इन जड़ी बूटियों का सेवन कब और कितनी मात्रा में करना चाहिए इसके बारे में आपको अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करनी चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और शरीर से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का आयुर्वेदिक समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेद शाला में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इस के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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पॉल्यूशन से गले में होने वाली खराश के दौरान किन जड़ी-बूटियों का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है? जानें डॉक्टर से

  • February 9, 2026

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इस बात को लगभग सभी लोग जानते हैं, कि आज के समय में प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिससे न केवल सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि इससे गले में भी काफी ज्यादा खराश होने लग जाती है। दरअसल, आपने इस बात को बहुत बार देखा होगा कि जब भी आप प्रदूषित हवा में जाते हैं और उसमें सांस लेते हैं, तो उस दौरान आपको कुछ भी बोलने में दिक्कत, खांसी या फिर गले में खराश होने लग जाती है। इसमें गला अच्छे तरीके से साफ़ नहीं लगता और थोड़ी थोड़ी चुभन का अनुभव भी हो सकता है। प्रदूषण के दौरान गले में खराश होना एक आम समस्या है, जिससे एक व्यक्ति न केवल काफी ज्यादा परेशान हो जाता है, बल्कि उसकी पूरी दिनचर्या काफी ज्यादा प्रभावित हो जाती है। दरअसल, यह तो आम है, कि पॉल्यूशन की वजह व्यक्ति सर्दी, जुकाम और खांसी जैसी समस्याओं का भी शिकार हो जाता है। आम तौर पर, इस दौरान अपने गले की खराश से छुटकारा पाने के लिए लोग बहुत से घरेलू उपायों का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें नमक के पानी से गरारे करना शामिल होता है। दरअसल, यह एक बहुत ही असरदार घरेलू उपाए माना जाता है, जिसका इस्तेमाल लगभग सभी घरों में किया जाता है। हालांकि, इस तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए बहुत से लोग बाजारू चीजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। पर, इसके लिए आप कुछ जड़ी-बूटियों का भी सेवन कर सकते हैं, जिसमें तुलसी का सेवन, अदरक का सेवन, मुलेठी का सेवन और शहद का सेवन शामिल हो सकता है। इनका सेवन करने से न केवल शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है, बल्कि सांस की नली साफ होने के साथ -साथ गले और फेफड़ों में जमा बलगम भी आसानी से निकल जाती है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

पॉल्यूशन से गले में होने वाली खराश के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी बूटियां 

दरअसल, पॉल्यूशन के दौरान गले में खराश होने पर निम्नलिखित जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जड़ी बूटियां इस समस्या के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती हैं, जिसमें शामिल हो सकते हैं, जैसे कि 

  1. तुलसी का सेवन करना 

आम तौर पर, पॉल्यूशन के दौरान गले में खराश होने पर तुलसी के पत्तों का सेवन किया जा सकता है, इसमें आप तुलसी के पत्तों को सीधा चबा भी सकते हैं और साथ में तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर भी पी सकते हैं। यह सर्दी-जुकाम के साथ -साथ गले की खराश को भी ठीक करने की असरदार जड़ी बूटी मानी जाती है। दरअसल, तुलसी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ -साथ सांस से जुड़ी बीमारियां और गले की सूजन ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। 

  1. अदरक का सेवन करना 

दरअसल, अगर आप गले से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या से परेशान हैं, तो इस दौरान अदरक का सेवन किया जा सकता है, क्योंकि अदरक में एंटी-

इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो गले की खराश को ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। इसके लिए आप रोजाना अदरक की चाय बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा, आप अदरक की चाय में नींबू और शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। इसका सेवन रोज सुबह उठकर करने पर आपको काफी ज्यादा फायदा प्राप्त हो सकता है, जिसमें नाक, गले और फेफड़ों को आराम मिलना शामिल होता है। 

  1. मुलेठी का सेवन करें

पॉल्यूशन के कारण गले में होने वाली खराश से छुटकारा पाने के लिए मुलेठी का उपयोग करना काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि मुलेठी में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो गले से जुड़ी कई तरह की समस्याओं ठीक करने में सहायता प्रदान करते हैं। इसलिए, आयुर्वेद में भी मुलेठी का इस्तेमाल कई तरह की समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है। ऐसे में, गले की खराश को ठीक करने के लिए आप मुलेठी का उपयोग इसके पाउडर को शहद के साथ मिलाकर ले सकते हैं। इसके अलावा, मुलेठी का काढ़ा बनाकर भी पिया जा सकता है, जो सेहत के साथ -साथ गले के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। यह न केवल गले को आराम प्रदान करता है, बल्कि गले की बलगम को भी साफ़ करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। 

  1. शहद का सेवन करें

दरअसल, गले में खराश जैसी समस्या होने पर आप शहद का सेवन कर सकते हैं, यह शहद सेहत के साथ -साथ गले से जुड़ी परेशानियों को भी ठीक करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। दरअसल, शहद में कई तरह के एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी, जुकाम और खांसी जैसे कई रोगों के इलाज में काफी ज्यादा असरदार साबित होते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक कप गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पी सकते हैं। इसका सेवन करने पर फेफड़ों और गले में जमी हुई बलगम आसानी से बाहर निकल जाती है। इसके अलावा, इससे सांस की नली साफ होती है और फेफड़े मजबूत होते हैं। 

निष्कर्ष: गले में होने वाली खराश से छुटकारा पाने के लिए आप इस लेख में बताई गयी जड़ी बूटियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई तरह की समस्याओं में फायदेमंद साबित हो सकती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गले से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का आयुर्वेदिक समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेद शाला में इसके विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।