क्या आयुर्वेद में सर्दी, खांसी, गले में खराश व अन्य जुकाम के लक्षणों का इलाज है ?

क्या आयुर्वेद में सर्दी, खांसी, गले में खराश व अन्य जुकाम के लक्षणों का इलाज है ?
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क्या आयुर्वेद में सर्दी, खांसी, गले में खराश व अन्य जुकाम के लक्षणों का इलाज है ?

  • April 12, 2024

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आयुर्वेद में हर बीमारियों का इलाज सदियों से मिलते आ रहा है, इसमें कोई दो राय नहीं है। वहीं आज के लेख में चर्चा का माध्यम ही होगा सर्दी और जुकाम, तो चलिए जानते है, की ये आयुर्वेदिक उपचार कैसे मदद करेंगे व्यक्ति को इस तरह की समस्या से बाहर निकालने में ;

सर्दी, खांसी या गले में खराश की समस्या क्यों होती है ?

  • गले में खराश के कई कारण होते है, जिनमें अन्य बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण और एलर्जी के कारण भी शामिल है। वहीं गले में खराश के कारणों में सर्दी, फ्लू, नाक से पानी टपकना, एसिड रिफ्लक्स आदि शामिल है।
  • सर्दी-जुकाम व गले में खराश होना एक आम बात है। लेकिन सर्दी-जुकाम होने से पहले आपके गले में दर्द व खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है। वहीं लंबे समय तक गले में खराश होना काफी तकलीफदेह हो सकता है, साथ ही यह आपके गले को भी जाम कर देता है। गले मे होने वाली खराश अन्य बीमारियों की तरह लंबे समय तक नही रहती लेकिन कुछ ही दिनों में यह आपको पूरी तरह से प्रभावित कर बीमार कर देती है।
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गले में खराश के लिए कौन-से आयुर्वेदिक उपाय है कारगर ?

  • रोजाना गर्म पानी पिए जिससे आपके गले की खराश ठीक हो सकें। 
  • दिन में कई बार गर्म पानी में नमक डाल कर गरारे करें, जिससे आपको काफी आराम महसूस होगा। 
  • गले में खराश होने पर आप हल्दी वाली चाय का सेवन कर सकते है। 
  • शहद को गले के सूजन से राहत दिलवाने की बेहतरीन आयुर्वेदिक दवाई मानी जाती है, शहद कफ निस्सारक है क्योंकि यह बलगम को साफ करने में मदद करता है, और इसके कुछ गुणों के नाम पर यह पौष्टिक और जीवाणुरोधी है। इसलिए गले में सूजन होने पर आपको एक चम्मच कच्चे शहद का सेवन करना चाहिए। 
  • शहद में सोंठ को मिलाकर खाया जाए तो आपको काफी आराम मिलेगा। क्युकि सोंठ में पाए जाने वाले कुछ यौगिकों में सूजन-रोधी प्रभाव होते है जो गले की परेशानी को कम करते है।
  • तुलसी का सेवन करना काफी सहायक माना जाता है, क्युकि इसका सेवन करने से खांसी से बलगम और गले में दर्द की समस्या से बचा जा सकता है। 
  • मुलेठी गले की खराश की समस्याओं के लिए उपयोगी है। मुलेठी के कफ निस्सारक गुण अत्यधिक बलगम उत्पादन को नियंत्रित करने में भी आपकी काफी मदद कर सकते हैं। 
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गले की खराश से निजात पाने के उपायों को अपनाने से पहले एक बार बेस्ट आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

खांसी की समस्या से बचाव के लिए बेस्ट आयुर्वेदिक उपाय !

  • अगर आप जुकाम में खांसी की समस्या से परेशान है तो इससे बचाव के लिए आपको अदरक के रस में नमक डाल कर उसका सेवन करना चाहिए। 
  • खांसी होने पर आप वासा जिसको अडूसा के नाम से भी जाना जाता है, के पत्ते लें। वहीं बात करें इस पौधे की तो ये आपको कहीं भी मिल सकता है। फिर इसके पत्तों से 7 से 14 मिलीलीटर रस निकाल लें और उसी मात्रा में शहद के साथ दिन में दो बार इसको लेना है।
  • गर्म पानी में शहद डाल कर दिन में दो बार पीने से आपकी खांसी की समस्या दूर हो सकती है।  
  • आप किशमिश, मुलेठी की जड़, खजूर और काली मिर्च को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना सकते है। खांसी से जल्दी राहत पाने के लिए आपको इसकी 1 से 3 ग्राम की खुराक को दिन में दो बार 4 से 6 ग्राम शहद के साथ लेना चाहिए।
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यदि इन उपायों को अपनाने के बाद भी खांसी ठीक न हो तो इसके लिए आपको बेस्ट आयुर्वेदिक क्लिनिक के संपर्क में आना चाहिए।

सुझाव :

यदि आप सर्दी, खांसी और गले में खराश की समस्या का हल चाहते है तो इसके लिए आपको संजीवनी आयुर्वेदशाला क्लिनिक का चयन करना चाहिए। 

निष्कर्ष :

बदलते मौसम व कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग जल्दी खांसी, जुकाम और गले में खराश की समस्या के शिकार होते है, इसलिए जरूरी है की आप अगर इस तरह की समस्या का सामना कर रहें है, तो इससे बचाव के लिए आपको किसी बेहतरीन डॉक्टर के सम्पर्क में आना चाहिए और साथ ही अपने खान-पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।