इसबगोल के कब्ज, दस्त और बवासीर के इलाज में उपयोग, फायदे और नुकसान जानें आयुर्वेद की राय:
आजकल की जीवनशैली में कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आती है। आज के भागदौड़ भरे जीवन में अनियमित रोज की रूटीन, खराब खानपान, देर से सोना और देर से जागने की आदत, दिन भर एक ही जगह बैठकर घंटों कंप्यूटर के सामने काम करना आदि इस तरह की आदतें आपकी सेहत पर बुरा असर डालती हैं, जिसकी वजह से पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कब्ज, दस्त, पेट में भारीपन होना, गैस और अपच जैसी समस्याएं बनना अब लोगों में आम होती जा रही हैं। खासतौर पर फाइबर की कमी की वजह से शरीर की पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है, आमतौर पर जिसमें मल त्याग की समस्या आती है। इस तरह की स्थिति में इसबगोल बहुत ही ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता है। यह एक प्रकार का प्राकृतिक फाइबर है, जो कि आमतौर पर प्लांटैगो ओवेटा नाम के पौधे के बीजों से मिलता है। आपको बता दें कि आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कब्ज, दस्त, बवासीर और पाचन से जुड़ी और समस्याओं के समाधान के लिए किया जाता है। आइये जानते हैं इस लेख के माध्यम से कि इसबगोल के फायदे, नुकसान और इसके उपचार के बारे में।
इसबगोल खाने से क्या फायदा होता है?
आयुर्वेदिक डॉक्टरों के मुताबिक पंजाब, सिंध और अन्य क्षेत्रों इसबगोल का पौधा पाया जाता है, और खासतौर पर इसकी भूसी का इस्तेमाल स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।
- आपको बता दें कि इसबगोल का सबसे बड़ा फायदा है, कि यह कब्ज, दस्त, आंतों की समस्याओं और पेट के असंतुलन को सही करने में मदद करता है।
- इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होने की वजह से यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
- इसबगोल आंतों को भी साफ करने में मदद करता है।
- इसबगोल की भूसी शरीर में से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद करती है।
- इसबगोल पेट को हल्का और साफ करने में मदद करती है।
- इसबगोल का सेवन आमतौर पर ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में सहायक होता है।
- इसबगोल मोटापे को कम करने में सहायक होता है।
- इसबगोल का सेवन दिल के लिए फायदेमंद होता है।
- डायरिया के इलाज में भी इसबगोल फायदेमंद होता है।
- इसबगोल बवासीर और फिशर के इलाज में भी फायदेमंद होता है।
अपने पेट साफ करने के लिए इसबगोल कैसे लें?
पेट की अच्छे तरीके से सफाई करने के लिए इसबगोल का सेवन बहुत ही ज्यादा उपयोगी है। इसको हमेशा पानी के साथ भिगोकर लिया जाता है। इसका सेवन इस तरह इस लिए किया जाता है क्योंकि इससे इसके फाइबर तत्व बेहतर तरीके से काम करते हैं। पेट को साफ़ करने के लिए सबसे पहले आप इसबगोल की भूसी को एक गिलास पानी में 5-10 ग्राम डालकर अच्छी तरह से मिला लें और फिर इसे पी लें। अगर आप इसको बिना भिगोए लेते हैं, तो यह आंतों में अवरोध पैदा कर सकता है। इसे पानी में डालकर पीते हैं तो यह पेट को पूरी तरह से साफ करता है और कब्ज की समस्या को दूर करने में मददगार साबित होता है। इसके अलावा इसबगोल का सेवन कब्ज की समस्या के दौरान पानी के अलावा दूध के साथ भी किया जा सकता है।
बवासीर के लिए इसबगोल का सेवन कैसे किया जाता है।
इसबगोल आम तौर पर बवासीर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। जैसे की आपको पता है कि इसबगोल पेट को साफ करता है और कब्ज को भी दूर करने में मदद करता है, जिससे बवासीर के लक्षणों को राहत मिलती है। इसका सेवन करने के लिए सबसे पहले 5 ग्राम इसबगोल की भूसी को लें। फिर इसके बाद इसको पानी या दूध में डालें और इसको अच्छे से मिलाएं। मिलाने के बाद इसका सेवन करें। आम तोर पर यह बवासीर की स्थिति को बेहतर करता है। इसबगोल की भूसी आंतों को आराम देने में मदद करती है, जिसकी वजह से बवासीर के दर्द और सूजन में आराम मिलता है। अगर किसी व्यक्ति को बवासीर के साथ कोई गंभीर समस्या है तो उसको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
क्या इसबगोल को रोज लेना ठीक होता है?
अगर आप विशेष रूप से कब्ज या पाचन संबंधित समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो इसबगोल को रोजाना लेना बिलकुल ठीक होता है। यह शरीर में किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं करता है। इसबगोल का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद ही होता है। अगर आप इसका सेवन रोज करते हो और फिर भी आपको समस्या बनी रहती है तो आप डॉक्टर से बात करें। अगर आप इसका रोजाना सेवन करना चाहते हैं तो इसकी उचित मात्रा का ध्यान रखें। 5 से 10 ग्राम इसबगोल की भूसी एक दिन में काफी होती है।
इसबगोल का सेवन किसको नहीं करना चाहिए
वैसे तो इसबगोल के बहुत से फायदे होते हैं, लेकिन कई लोग इसका सेवन नहीं कर सकते यहीं जैसे की,
- गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसबगोल का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।
- इसके साथ बच्चों को भी इसबगोल की बहुत कम मात्रा देनी चाहिए। आम तोर पर यह बच्चों की उम्र और उनके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।
- इसके अलावा इसबगोल का सेवन जिन लोगों को आंतों में सूजन, इंफ्लेमेशन या पेट में गंभीर समस्याएं (आंतों का कैंसर जैसी समस्याएं) होती हैं, उन लोगों को इसबगोल का सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
इसबगोल कितने दिन तक खाना चाहिए
आमतौर पर कितने दिनों तक इसबगोल का सेवन करना चाहिए यह आपकी समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है। नियमित रूप से इसबगोल का सेवन किया जा सकता है।
- अगर आपको कब्ज की समस्या है तो आप इसको सिर्फ कुछ दिनों तक ले सकते हैं, अगर यह समस्या आपके लगातार बनी रहती है तो आपको इसके बारे में डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।
- आपको अगर पाचन संबंधी कोई गंभीर समस्याएं हैं, तो उनको इसबगोल को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए।
इसबगोल का सेवन कब और कैसे करें?
इसबगोल के सेवन करने का सही तरीका यह है कि, इसका सेवन सुबह या रात में किया जा सकता है। आप इसको पानी, दूध या दही के साथ भी ले सकते हैं। पर इसबगोल का सेवन कभी भी सूखा नहीं करना चाहिए। इससे पेट की समस्या पैदा हो सकती है।
इसबगोल खाने के नुकसान
- इसबगोल का सेवन ज्यादा मात्रा में करने से पेट में ऐंठन की समस्या पैदा हो सकती है।
- अगर पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन न किया जाये है तो यह आंतों में रुकावट भी पैदा कर सकता है।
आखिर इसबगोल कौन-कौन सी बीमारी में काम आता है?
ज्यादातर इसबगोल का इस्तेमाल कब्ज, दस्त, बवासीर और आंतों के इंफ्लेमेशन जैसी समस्याओं को ठीक करने में काम आता है।
निष्कर्ष : इसबगोल आम तौर पर कब्ज, दस्त, बवासीर और आंतों के इंफ्लेमेशन जैसी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होता है। इसबगोल की भूसी में बहुत ज्यादा फाइबर मौजूद होता है, जो की कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं को ही ठीक नहीं करता बल्कि हमारी आंतों की सफाई, मल को नियमित और पाचन क्रिया का संतुलन बनाए रखता है।
इसका सेवन करते वक्त आपको कुछ सावधानियों, जैसे इसको हमेशा दूध या फिर पानी में भिगोकर ही लेना और पर्याप्त मात्रा में पानी को पीना आदि का ध्यान रखना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। इसके अलावा अगर आपको गंभीर आंतों की समस्या है तो आपको पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको भी ऐसी ही कोई समस्या है और आप इसके इलाज के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेद शाला में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं, और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।