गलत तरीके से त्रिफला पाउडर का सेवन करने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें त्रिफला पाउडर लेने का सही समय क्या है?
आयुर्वेद में, त्रिफला को कई तरह की समस्याओं के लिए बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली बताया गया है। आम तौर पर, इस को एक संपूर्ण औषधि के रूप में देखा जाता है, जो सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होती है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इसमें त्रि यानी कि तीन और फला यानी कि फल होता है, जिसका असल में अर्थ यह होता है, कि त्रिफला पाउडर को तीन औषधीय फलों से मिलाकर बनाया जाता है, जिसमें हरड़, बहेड़ा और आंवला जैसे फल शामिल होते हैं। आम तौर पर त्रिफला पाउडर तैयार करने के लिए, इन तीनों को पहले सुखाया जाता है और फिर पाउडर बनाया जाता है और फिर तीनों को मिलाकर एक शानदार त्रिफला पाउडर बनाया जाता है।
दरअसल, आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला पाउडर का सेवन शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने, कब्ज से राहत प्रदान करने और वजह को नियमित रखने के लिए किया जा सकता है। आपको बता दें, कि ज्यादातर लोग त्रिफला पाउडर का सेवन किसी भी समय और कितना भी कर लेते हैं, जबकि गलत तरीके से इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इस लिए, त्रिफला पाउडर का सेवन सही तरीके से करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।
दरअसल, गलत तरीके से त्रिफला पाउडर का सेवन करना सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है, जिसमें आपको दस्त लगना, शरीर में पानी की कमी होना, शरीर में काफी ज्यादा कमजोरी और थकान महसूस होना, पेट में जलन और एसिडिटी होना जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके इलावा, अगर आपको पित्त दोष जैसी किसी भी तरह की कोई समस्या है, तो आपको त्रिफला को खाली पेट बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने पर आपको सीने में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही, लो ब्लड प्रेशर का सामना कर रहे व्यक्तियों को भी इसका सेवन करने पर समस्या हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान त्रिफला पाउडर का सेवन डॉक्टर की सलाह पर और दूध पिलाने वाली महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। त्रिफला पाउडर का सेवन करने का सही तरीका सुबह खाली पेट, रात को सोने से पहले और खाना खाने के बाद हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
त्रिफला पाउडर का सेवन करने का सही समय
- सुबह खाली पेट
दरअसल, जो लोग अपनी बॉडी को डिटॉक्स करना चाहते हैं, या फिर अपना वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए रोज़ सुबह खाली पेट त्रिफला पाउडर का सेवन करना काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। यह वजन कम करने में काफी ज्यादा मदद करता है। दरअसल, इसका इस्तेमाल करने के लिए आप एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच त्रिफला पाउडर को अच्छे से मिलाएं और इस को पी लें। दरअसल इसके सेवन से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और शरीर में जमा गंदगी आसानी से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
- भोजन के बाद
आम तौर पर, अगर आपको रोजाना गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी जैसी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो आप खाना खाने के बाद त्रिफला पाउडर का सेवन कर सकते हैं। यह सेहत के लिए क़ाफी ज्यादा फायदेमंद साबित होता है और आपको इस तरह की समस्यायों से भी राहत प्रदान कर सकता है। असल में, खाना खाने के बाद त्रिफला पाउडर का सेवन कम मात्रा में किया जाना सबसे ज्यादा बेहतर होता है।
- रात को सोने से पहले
असल में, त्रिफला पाउडर को कब्ज जैसी समस्याओं के लिए काफी ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है, इसलिए अगर आपको कब्ज से जुड़ी किसी भी तरह की कोई समस्या रहती है, तो आप इससे राहत पाने के लिए रात को सोने से पहले त्रिफला पाउडर का सेवन कर सकते हैं। त्रिफला पाउडर का सेवन एक गिलास गुनगुने दूध या पानी के साथ किया जा सकता है। दरअसल, रात को 30 से 40 मिनट पहले त्रिफला पाउडर का सेवन करना सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है।
निष्कर्ष: दरअसल, गलत तरीके से त्रिफला पाउडर का सेवन करना सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए, इसका सेवन सही समय पर और सही तरीके से करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। रोजाना 2 चम्मच से ज्यादा त्रिफला पाउडर का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, त्रिफला पाउडर का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने, कब्ज दूर करने और अपने शरीर के वजन को कंट्रोल में रखने के लिए किया जा सकता है। इस तरह की स्थिति में, अगर आपको स्वस्थ से जुडी किसी भी तरह की कोई समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको डॉक्टर की सलाह के बिना त्रिफला चूर्ण का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन करने से आपकी सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है। सुबह खाली पेट, रात को सोने से पहले और भोजन के बाद त्रिफला पाउडर का सेवन किया जा सकता है। इसके बारे में, ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और किसी भी तरह की समस्या का आयुर्वेदिक समाधान पाने के लिए आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेद शाला में जाकर इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।