आयुर्वेदाचार्य से जानें, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से रिकवरी में प्लेटलेट्स बढ़ाने के आयुर्वेदिक डाइट टिप्स

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आयुर्वेदाचार्य से जानें, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से रिकवरी में प्लेटलेट्स बढ़ाने के आयुर्वेदिक डाइट टिप्स

  • November 6, 2025

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दरअसल, पुरे देशभर में, अगस्त के महीने में लगातार बारिश होती है और इसी महीने में मच्छरों की पैदावार बढ़ जाती है। जिससे कि, कई तरह की सेहत समस्यायों में बढ़ोतरी होती है और बिमारिओं से बिल्कुल भी रहत नहीं मिलती है। आमतौर पर, पूरे देश भर में, मच्छरों की वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती है और इस दौरान ज्यादातर मरीजों को रिकवरी में समस्या होती है। आपको बता दें, कि मच्छरों से जुड़ी बीमारियों से पीड़त मरीजों को बहुत ही ज्यादा तेज बुखार जोड़ों और मांसपेशियों में काफी ज्यादा दर्द, कमजोरी और साथ ही प्लेटलेट्स की कमी होना जैसी कई गंभीर समस्याएं होती हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति के कारण मरीज को रिकवर होने के लिए काफी ज्यादा समय लग जाता है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रिकवरी में, आयुर्वेदिक डाइट टिप्स, मरीजों को बहुत ही ज्यादा जल्दी राहत प्रदान कर सकते हैं। तो आइये इस लेख के माध्यम से इन आयुर्वेदिक डाइट टिप्स के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

आयुर्वेदिक तरीकों से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से करें रिकवरी 

डॉक्टर के अनुसार, इस तरह की बीमारियों में दवाइयों के साथ- साथ मरीजों को अपने खाने-पीने पर भी ध्यान देना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। दरअसल, आयुर्वेद में, आहार को ही उपचार का एक बड़ा हिस्सा माना जाता है। बता दें, कि हल्के, सुपाच्य और हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने वाले भोजन असल में, शरीर की उपचार प्रक्रिया को काफी ज्यादा तेज़ करते हैं। इसलिए पीड़ित मरीज को जल्दी ठीक होने के लिए अपनी डाइट और आराम दोनों पर सावधानीपूर्वक ध्यान देना चाहिए। आप इस दौरान इस तरह के भोजन को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

पचने वाला हल्का भोजन 

बीमारी के दौरान, डाइजेशन कमजोर हो जाता है और इस दौरान, आसानी से पचने वाले भोजन को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, जैसे कि 

  1. मूंग दाल की खिचड़ी
  2. दलिया, ओट्स या मसाले के बिना वाला सूप

ताजे फल

आम तौर पर, फल विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो मरीज को जल्द रिकवर होने में काफी ज्यादा मदद करते हैं। अपनी डाइट में आप इन फलों को शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. पपीता: पपीता प्लेटलेट्स को बढ़ाने में काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। 
  1. अनार और अमरूद: इन फलों का सेवन करने से आयरन की कमी दूर होती है। 
  1. कीवी और सेब: यह दोनों फल विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो इम्युनिटी को बढ़ाने में काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं। 
  1. नारियल पानी: आमतौर पर, यह हमारे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में लाभदायक होता है। 

आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्स

दरअसल, आयुर्वेद में कई तरह के पेय पदार्थ उपलब्ध हैं, जो आमतौर पर, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी समस्या में होने वाले बुखार और साथ ही कमजोरी में राहत प्रदान करता है। 

  1. तुलसी, अदरक और काली मिर्च का हल्का काढ़ा
  2. हल्दी वाला दूध

ताकत और ऊर्जा प्रदान करने वाले भोजन 

दरअसल, मच्छरों से होने वाली बीमारियों की वजह से मरीजों में काफी लम्बे वक्त तक के लिए कमजोरी बनी रहती है। इसलिए इस दौरान, इस तरह के भोजन का सेवन करना चाहिए, जो आपको ताकत और ऊर्जा प्रदान कर सके। जैसे कि 

  1. देसी घी 
  2. खजूर और मुनक्का
  3. च्यवनप्राश (डॉक्टर की सलाह पर लें।)

मच्छरों से जुड़ी बीमारियों से ठीक होने के लिए आयुर्वेदिक टिप्स

डॉक्टर के अनुसार, मरीजों को अपने आहार के साथ- साथ कुछ आयुर्वेदिक टिप्स को भी अपनाना चाहिए, इससे रिकवरी तेज होती है। जैसे कि 

  1. भोजन ताजा और हल्का गर्म खाना चाहिए।
  2. रिकवरी में पूरी नींद और आराम करना चाहिए।

निष्कर्ष:

दरअसल, बारिश के मौसम में मच्छरों से होने वाले डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी समस्याओं से ठीक होने के लिए दवाइयों के साथ-साथ, अपने खान पान और जीवन शैली पर भी ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही, आयुर्वेदिक डाइट टिप्स का पालन करने से, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से पीड़ित मरीज की इम्युनिटी और प्लेटलेट्स में बढ़ोतरी हो सकती है। इस दौरान, सभी की स्थिति एक जैसी नहीं होती है, इसलिए इस दौरान किसी भी आयुर्वेदिक दवा लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें। अगर आपको भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर आपको मच्छरों से डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया हो गया है और आप इसका आयुर्वेदिक इलाज ढूंढ रहे हैं, तो आप अजा ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेदशाला में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके डॉक्टर से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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आयुर्वेदाचार्य बता रहे हैं, कि एक गर्भवती महिला को सुबह सबसे पहले क्या खाना चाहिए?

  • October 16, 2025

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मां बनना हर महिला के जीवन का एक सबसे खूबसूरत पल होता है और गर्भावस्था महिलाओं के लिए काफी ज्यादा सेंसिटिव समय होता है। आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव देखे जाते हैं। आपको बता दें कि महिला के गर्भ में शिशु के हार्मोनल बदलावों और उसके सही विकास के लिए सही खानपान की जरूरत होती है। विशेष रूप से दिन की शुरुआत में खाया गया खाना गर्भवती महिला और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में आयुर्वेदिक डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं, कि आखिर महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान सुबह के समय सबसे पहले क्या खाना चाहिए। 

सुबह की शुरुआत क्यों होती है सबसे जरूरी?

डॉक्टर के अनुसार आमतौर पर सुबह का समय “वात काल” और “कफ काल” का सुमेल होता है। दरअसल यह शरीर की शुद्धता, पुनर्नवीकरण और संतुलन का वक्त होता है। आपको बता दें कि गर्भवती महिला के लिए यह वक्त और भी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस वक्त पाचन तंत्र को उत्तेजित करना, शरीर को ऊर्जा देना और इसके साथ ही अपने मन को शांत रखना बहुत ज्यादा जरूरी माना जाता है। आमतौर पर सुबह के समय सबसे पहले जो भी खाना खाया जाता है, वह खाना दिनभर के पाचन और ऊर्जा स्तर को निर्धारित करता है। हालांकि अगर सुबह के समय बिल्कुल सही खाना खाया जाये, तो यह दिनभर की थकान, एसिडिटी, ब्लोटिंग और जी मिचलाना जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। 

गर्भवती महिला की आयुर्वेद में सुबह की दिनचर्या

गर्भिणी परिचर्या का अर्थ आयुर्वेद के अनुसार गर्भवती महिला की देखभाल में दिनचर्या का बहुत महत्वपूर्ण है। आमतौर पर नीचे बताई गई चीजें आपको इस दिनचर्या में शामिल करनी चाहिए। 

  1. पानी पीना 

डॉक्टर के अनुसार एक गर्भवती महिला को सुबह सबसे पहले उठकर बिना ब्रश किए एक गिलास गुनगुना जल पीना चाहिए। आपको बता दें कि सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर से जहरीले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और इसके साथ ही कब्ज की समस्या भी दूर रहती है।

  1. मूत्र त्याग और नहाना 

आमतौर पर एक गर्भवती महिला को गुनगुना पानी पीने के बाद मूत्र त्याग और अच्छे तरीके से नहाना चाहिए। आपको बता दें कि इस तरह करने पर शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और इसके साथ ही शरीर दिनभर के लिए सक्रिय रहता है। 

  1. हल्की कसरत या योग

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि एक गर्भवती महिला को सुबह के समय हल्का प्राणायाम, जैसे कि अनुलोम-विलोम और इसके साथ भ्रामरी भी करनी चाहिए। दरअसल इन योगासन को करने पर गर्भवती महिलाओं को मानसिक शांति मिलती है और इसके साथ ही महिलाओं के शरीर में लचीलापन बना रहता है।

सुबह के समय गर्भवती महिलाओं को सबसे पहले क्या खाना चाहिए?

तो चलिए अब जानते हैं, कि गर्भावस्था के दौरान एक महिला को क्या खाना चाहिए, जो न सिर्फ शिशु के विकास के लिए मददगार होता है, बल्कि मां के मूड और शरीर की ऊर्जा को भी बेहतर बना कर रखने में मदद करता है। 

  1. भीगी हुई किशमिश और बादाम

दरअसल गर्भावस्था के दौरान एक महिला को सुबह के समय खाली पेट रात भर भिगो कर रखे हुए किशमिश और बादाम को खाना चाहिए। आपको बता दें कि सुबह के वक्त किशमिश और बादाम खाने से शरीर में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और अच्छी चर्बी की जरूरत पूरी होती है। डॉक्टर के अनुसार अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाएं रोजाना 4 से 5 किशमिश और 4 भीगे हुए बादाम को खाएं, तो उनके शरीर में बिलकुल भी खून की कमी नहीं होती, आपको कब्ज से आराम मिलता है और इसके साथ ही आपका शरीर पूरा दिन एक्टिव रहता है।

  1. गाय का दूध

आपको बता दें कि किशमिश और बादाम के बाद आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से गर्भवती महिला को एक कप गाय का दूध पीना चाहिए। दरअसल गाय का दूध वात और पित्त को संतुलित करता है। आमतौर पर इस में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D भरपूर मात्रा में होता है। बता दें कि गाय का दूध महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डियों को मजबूत करता है और इसके साथ हड्डियों के विकास को बेहतर बनाता है।

  1. फल

हालांकि गर्भवती महिलाएं सुबह के समय सबसे पहले केला और सेब जैसे फलों का भी सेवन कर सकती हैं। आमतौर पर फल गर्भवती महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक विटामिन्स, फाइबर और जल की जरूरत को पूरा करते हैं। इसकी वजह से महिलाओं को सुबह होने वाली मतली की समस्या दूर हो जाती है। इसके साथ ही यह शरीर में ऊर्जा को भी स्टोर करता है। 

  1. सादा मूंग दाल का हलवा

आमतौर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ का कहना है, कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सुबह के समय सबसे पहले मूंग दाल को देसी घी में हल्का सेंककर और उसमें गुड़ या मिश्री डालकर उसका हलवा बनाकर भी खा सकती हैं। यह बहुत ज्यादा हल्का होता है। आपको बता दें कि मूंग दाल का प्रोटीन आमतौर पर माँ और गर्भ में पल रहे शिशु के पोषण को बढ़ावा देता है। इससे महिला के शरीर को पूरा दिन ऊर्जा भी प्राप्त होती है।

गर्भवती महिला को सुबह के समय क्या नहीं खाना चाहिए?

  1. चाय या कॉफी :

आमतौर पर ज्यादातर महिलाएं सुबह उठते ही चाय या फिर कॉफी पीती हैं। दरअसल चाय और कोफ़ी में कैफीन होता है। बता दें कि कैफीन पाचन शक्ति को बिगाड़ सकती और इसके साथ ही एसिडिटी को बढ़ा सकती है।

  1. फ्रिज से निकाला हुआ भोजन : 

आपको बता दें कि रात को फ्रीज में रखा हुआ खाना सुबह के समय निकालकर खाने से शरीर का वात दोष बढ़ जाता है और इसके साथ ही इससे कई प्रकार की समस्यायों का खतरा बढ़ जाता है। 

  1. खट्टे फल या दही: 

दरअसल गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सुबह के समय खट्टे फल जैसे नींबू, संतरा और मौसमी का सेवन करने से अपने आप को बचाना चाहिए। आमतौर पर खाली पेट खट्टे फल और दही खाने से गर्भवती महिला की पाचन तंत्रिका का काम बिगड़ जाता है। बता दें कि महिला को इससे जी मिचलना और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

निष्कर्ष

एक महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत पल उसका माँ बनना होता है। गर्भावस्था महिलाओं के लिए काफी ज्यादा सेंसिटिव समय होता है, क्योंकि इस दौरान महिलाएं बहुत ज्यादा शारीरिक और मानसिक बदलाव का सामना करती हैं। माँ के आहार का भ्रूण के विकास और उस के अपने स्वास्थ्य, दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। आयुर्वेद के अनुसार गर्भवती महिला के लिए सुबह की शुरुआत बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। अगर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान सुबह के भोजन में भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स, गुनगुना दूध, मौसमी फल, हल्का नाश्ता और हर्बल पोषक तत्वों को शामिल करती हैं, तो इससे गर्भवती महिला और  गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बनता है। अगर आप भी इन दिनों उम्मीद से हैं, तो आपको भी ऊपर बताई गई चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। प्रेगनेंसी के दौरान किन -किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए अगर आप भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी लेना चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेद शाला में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

अक्सर लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल।

प्रश्न 1. एक गर्भवती महिला को सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में एक गर्भवती महिला को  हल्का और सुपाच्य भोजन का सेवन करना चाहिए। बता दें कि एक गर्भवती महिला को अपने खाने में दूध, घी, हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दालें और साबुत अनाज को सबसे ज्यादा शामिल करना चाहिए। दरअसल इन चीजों को खाने से गर्भ के अंदर मां और शिशु दोनों का विकास तेजी से होता है।

प्रश्न 2. गर्भावस्था के दौरान महिला को 1 से 3 महीने तक क्या खाना चाहिए?

दरअसल पहली तिमाही में हल्का, सुपाच्य और आयरन से भरपूर खाने को खाना चाहिए। गर्भावस्था के 1 से 3 महीनों में महिलाओं को अनार, चुकंदर, हरी सब्जियां, भीगे बादाम, किशमिश, मूंग दाल और गाय के दूध को पीना चाहिए। इसके साथ ही गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिलाओं को फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन, और डेयरी उत्पाद पदार्थों को खाने की भी सलाह दी जाती है। 

प्रश्न 3. गर्भ में बच्चे की ग्रोथ के लिए क्या खाएं?

महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की ग्रोथ अच्छे से होना बहुत जरूरी होता है। गर्भवती महिला को उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन युक्त चीजें जैसे कि दूध, दही, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, सूखे मेवे और इसके साथ ही नारियल पानी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।