काम करते हुए खाने से, हमें क्यों नहीं मिलता असली पोषण? जानिए आयुर्वेद से

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काम करते हुए खाने से, हमें क्यों नहीं मिलता असली पोषण? जानिए आयुर्वेद से

  • November 12, 2025

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आज के समय में, सभी लोग अपने कामकाज में व्यस्त होने की वजह से अपने खाने -पीने पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं। आम तौर पर, भारत में लगभग 6 करोड़ लोग, जो कि कामकाजी वर्ग का एक बहुत ही बड़ा हिस्सा हैं, “शिफ्ट वर्क” जैसे नर्सिंग, स्वास्थ्य सेवाओं आदि में काम करते हैं, और काम करते हुए खाना, इस जीवनशैली का एक बहुत ही बड़ा हिस्सा बन चूका है। काम करते हुए खाना, कई लोगों की आदत बन गई है और कई लोगों की मजबूरी, जो की सेहत के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होती है। आपको बता दें, कि हाल ही में हुए, एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग ख़ास तौर पर भारत में, शिफ्ट वर्क करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर आधारित हैं, दरअसल लंबे काम के घंटे और अव्यवस्थित काम का समय उनके खान- पान की आदतों में गड़बड़ी को पैदा करते हैं। आम तौर पर, जिसका सीधा प्रभाव उनकी पाचन शक्ति और पोषण के ऊपर पड़ता है। असल में, यह खोज बताती है, कि गैर-सेहतमंद डाइट और तनाव, जो कि हमेशा काम के दबाव और नींद की कमी के साथ संबंधित होते हैं, हमारे खाने की आदतों को काफी ज्यादा प्रभावित करते हैं। 

आम तौर पर, जब आप अपना भोजन काम करते हुए और जल्दी से अपना ध्यान भटकाते हुए करते हैं, तो ऐसा करना सिर्फ आपकी एक आदत ही नहीं बन जाती, बल्कि यह आपकी सेहत और पोषण पर गहरा प्रभाव डालती है। सेहत के लिए इस तरह की आदतें सही नहीं होती हैं। काम करते हुए खाने से, हमें असली पोषण क्यों नहीं मिलता? तो आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

क्या आप भी काम करते हुए खाना खाते हैं? 

आज के समय में, कई लोग कंप्यूटर पर बैठे- बैठे खाना खा लेते हैं, या फिर मोबाइल पर मीटिंग में भाग लेते वक्त जल्दी- जल्दी खाने का सेवन कर लेते हैं, इतना ही नहीं कई बार काम का इतना दबाव होता है, कि लोग सोचते हैं, कि खाना खाने में अलग से वक्त क्यों ही बर्बाद करें? आम तौर पर, इस तरह की सोच आगे चलकर एक बुरी आदत बन जाती है। इस दौरान, आप महसूस भी नहीं कर पाते हैं और खाना आपके लिए एक मशीनी काम बन जाता है, बिना स्वाद लिए, बिना ध्यान दिए, बस अपने पेट को भरने के लिए खाने का सेवन करते हैं। 

हालांकि, ऐसा करते वक्त क्या आपने कभी सोचा है, कि जब भी आप इस तरीके से खाने का सेवन करते हैं, तो इससे आपका मन और शरीर किस तरीके का महसूस करता है? शायद आप इस दौरान काफी ज्यादा थकावट खाने का सेवन करने के बाद भी भारीपन और पाचन में गड़बड़ी महसूस करते हैं, यह सभी लक्षण काम करते हुए खाना, जैसी आदत का नतीजा होते हैं। 

काम करते हुए खाने से पाचन क्यों बिगड़ता है?

काम करते हुए खाने से पाचन कई कारणों से बिगड़ सकता है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं, जैसे कि 

  1. एक साथ दो काम करने से ध्यान बंट जाता है। 
  2. काम के दौरान खाना खाने से ठीक से चबाना नहीं हो पाता है। 

काम करते हुए खाने से, पोषण क्यों अधूरा रह जाता है? 

जब आप काम करते हुए खाने का सेवन करते हैं, तो इस दौरान आपका पूरा ध्यान भोजन पर नहीं, बल्कि अपना पेट भरने पर होता है। इस दौरान, अन्न का पूरा रस और गुण आपके शरीर को नहीं मिल पाते हैं, क्योंकि भोजन को अच्छे से चबाने और स्वाद लेने की प्रक्रिया अपना पूरा ध्यान और वक्त माँगती है। अगर खाते वक्त आपका ध्यान काम पर है, तो आपके शरीर को पोषण नहीं मिल पाता है। 

इस पर, आयुर्वेद का कहना है, कि जिस तरह की स्थिति में आप खाते हैं, आम तौर पर, वही ऊर्जा आपका भोजन भी ग्रहण करता है, चाहे वो सकारात्मक हो या फिर नकारात्मक। 

निष्कर्ष :

सेहतमंद खाना न सिर्फ आपके पेट और शरीर को भरने का काम करता है, बल्कि आपके विचार, ऊर्जा, और आपके मन को भी आकार देता है। जब आप काम करते हुए खाने का सेवन करते हैं, तो इस दौरान आपका पूरा ध्यान भोजन पर नहीं, बल्कि अपना पेट भरने पर होता है और आपको लगता है, कि आपने अपना कीमती समय काम के लिए बचा लिया है। पर असल में, आप इस भोजन से मिलने वाले पोषण को खो देते हैं ,एक यही कारण है, कि आप अक्सर खाना खाने के बाद, थकान और बेचैनी महसूस होती है। अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर आपको भी खाना खाने की ऐसी आदत से पोषण या फिर पेट के संबंधित कोई समस्या हो गई है और आप इसका आयुर्वेदिक इलाज चाहते हैं, तो आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेदशाला में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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आयुर्वेदाचार्य से जानें, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से रिकवरी में प्लेटलेट्स बढ़ाने के आयुर्वेदिक डाइट टिप्स

  • November 6, 2025

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दरअसल, पुरे देशभर में, अगस्त के महीने में लगातार बारिश होती है और इसी महीने में मच्छरों की पैदावार बढ़ जाती है। जिससे कि, कई तरह की सेहत समस्यायों में बढ़ोतरी होती है और बिमारिओं से बिल्कुल भी रहत नहीं मिलती है। आमतौर पर, पूरे देश भर में, मच्छरों की वजह से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती है और इस दौरान ज्यादातर मरीजों को रिकवरी में समस्या होती है। आपको बता दें, कि मच्छरों से जुड़ी बीमारियों से पीड़त मरीजों को बहुत ही ज्यादा तेज बुखार जोड़ों और मांसपेशियों में काफी ज्यादा दर्द, कमजोरी और साथ ही प्लेटलेट्स की कमी होना जैसी कई गंभीर समस्याएं होती हैं। दरअसल, इस तरह की स्थिति के कारण मरीज को रिकवर होने के लिए काफी ज्यादा समय लग जाता है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रिकवरी में, आयुर्वेदिक डाइट टिप्स, मरीजों को बहुत ही ज्यादा जल्दी राहत प्रदान कर सकते हैं। तो आइये इस लेख के माध्यम से इन आयुर्वेदिक डाइट टिप्स के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं। 

आयुर्वेदिक तरीकों से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से करें रिकवरी 

डॉक्टर के अनुसार, इस तरह की बीमारियों में दवाइयों के साथ- साथ मरीजों को अपने खाने-पीने पर भी ध्यान देना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। दरअसल, आयुर्वेद में, आहार को ही उपचार का एक बड़ा हिस्सा माना जाता है। बता दें, कि हल्के, सुपाच्य और हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने वाले भोजन असल में, शरीर की उपचार प्रक्रिया को काफी ज्यादा तेज़ करते हैं। इसलिए पीड़ित मरीज को जल्दी ठीक होने के लिए अपनी डाइट और आराम दोनों पर सावधानीपूर्वक ध्यान देना चाहिए। आप इस दौरान इस तरह के भोजन को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

पचने वाला हल्का भोजन 

बीमारी के दौरान, डाइजेशन कमजोर हो जाता है और इस दौरान, आसानी से पचने वाले भोजन को ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, जैसे कि 

  1. मूंग दाल की खिचड़ी
  2. दलिया, ओट्स या मसाले के बिना वाला सूप

ताजे फल

आम तौर पर, फल विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो मरीज को जल्द रिकवर होने में काफी ज्यादा मदद करते हैं। अपनी डाइट में आप इन फलों को शामिल कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. पपीता: पपीता प्लेटलेट्स को बढ़ाने में काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। 
  1. अनार और अमरूद: इन फलों का सेवन करने से आयरन की कमी दूर होती है। 
  1. कीवी और सेब: यह दोनों फल विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो इम्युनिटी को बढ़ाने में काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं। 
  1. नारियल पानी: आमतौर पर, यह हमारे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में लाभदायक होता है। 

आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्स

दरअसल, आयुर्वेद में कई तरह के पेय पदार्थ उपलब्ध हैं, जो आमतौर पर, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी समस्या में होने वाले बुखार और साथ ही कमजोरी में राहत प्रदान करता है। 

  1. तुलसी, अदरक और काली मिर्च का हल्का काढ़ा
  2. हल्दी वाला दूध

ताकत और ऊर्जा प्रदान करने वाले भोजन 

दरअसल, मच्छरों से होने वाली बीमारियों की वजह से मरीजों में काफी लम्बे वक्त तक के लिए कमजोरी बनी रहती है। इसलिए इस दौरान, इस तरह के भोजन का सेवन करना चाहिए, जो आपको ताकत और ऊर्जा प्रदान कर सके। जैसे कि 

  1. देसी घी 
  2. खजूर और मुनक्का
  3. च्यवनप्राश (डॉक्टर की सलाह पर लें।)

मच्छरों से जुड़ी बीमारियों से ठीक होने के लिए आयुर्वेदिक टिप्स

डॉक्टर के अनुसार, मरीजों को अपने आहार के साथ- साथ कुछ आयुर्वेदिक टिप्स को भी अपनाना चाहिए, इससे रिकवरी तेज होती है। जैसे कि 

  1. भोजन ताजा और हल्का गर्म खाना चाहिए।
  2. रिकवरी में पूरी नींद और आराम करना चाहिए।

निष्कर्ष:

दरअसल, बारिश के मौसम में मच्छरों से होने वाले डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी समस्याओं से ठीक होने के लिए दवाइयों के साथ-साथ, अपने खान पान और जीवन शैली पर भी ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही, आयुर्वेदिक डाइट टिप्स का पालन करने से, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से पीड़ित मरीज की इम्युनिटी और प्लेटलेट्स में बढ़ोतरी हो सकती है। इस दौरान, सभी की स्थिति एक जैसी नहीं होती है, इसलिए इस दौरान किसी भी आयुर्वेदिक दवा लेने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें। अगर आपको भी इसके बारे में जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर आपको मच्छरों से डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया हो गया है और आप इसका आयुर्वेदिक इलाज ढूंढ रहे हैं, तो आप अजा ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेदशाला में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके डॉक्टर से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।