क्या फैटी लिवर में आम का सेवन करना हो सकता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

Ayurvedic Treatment For Fatty Liver
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क्या फैटी लिवर में आम का सेवन करना हो सकता है फायदेमंद? डॉक्टर से जानें इसके बारे में!

  • May 6, 2026

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लिवर से जुड़ी समस्या लोगों में काफी आम देखी जा सकती है। यह माना, कि लिवर की सेहत सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती है, पर आधे से ज्यादा लोग लिवर से जुड़ी समस्या यानी कि फैटी लिवर की समस्या से पीड़ित हैं। यह शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, इसलिए इसकी देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। आज ज्यादातर लोग गलत खानपान, खराब लाइफस्टाइल और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से ही फैटी लिवर की समस्या से परेशान हैं, क्योंकि इन सब चीजों से लिवर पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे लिवर की सेहत बुरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। इन्हीं कारणों से आज लोगों में लिवर से जुड़ी समस्याओं का होना बेहद आम हो गया है। पर, यह धीरे-धीरे लोगों में एक गंभीर परेशानी बनती जा रही है। विशेष तौर पर, मोटापा, डायबिटीज, खराब डाइट और लाइफस्टाइल की वजह से आपके लिवर के अंदर चर्बी जमा हो जाती है। 

दरअसल, डॉक्टरों द्वारा फैटी लिवर के मरीजों को डाइट में सेहतमंद फूड्स को शामिल करने की सलाह प्रदान की जाती है। क्योंकि, ऐसे में फूड्स सेहत और समस्या में काफी लाभदायक साबित हो सकते हैं। जिसमें आम का सेवन करना भी शामिल है। ऐसे में, बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं, कि क्या फैटी लिवर की समस्या के दौरान आम का सेवन करना फायदेमंद होता है, या फिर नहीं? डॉक्टर के अनुसार हाँ, फैटी लिवर की समस्या में आम का सेवन किया जा सकता है। यह लिवर की सेहत के लिए लाभदायक साबित हो सकता है, पर ऐसे में इसका सेवन करते वक्त मात्रा और तरीके का बहुत ही अच्छे तरीके से ध्यान रखने की जरूरत होती है। दरअसल, आम में प्राकृतिक शुगर पाई जाती है, जिसको लिवर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है, कि आम में पाये जाने वाले मैंगिफेरिन से लिवर को अनगिनत लाभ मिलते हैं और लिवर में होने वाली सूजन को कम करता है, यहां तक कि फैटी लिवर को शराब से होने वाले नुकसान और लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मैंगिफेरिन काफी असरदार साबित होता है। यह न केवल शरीर के अंदरूनी हिस्सों को बेहतर बनाता है, बल्कि लिवर के काम करने की क्षमता को भी बढ़ाने में मदद प्रदान करता है। इसी के चलते आम का सेवन करना लिवर की सेहत के लिए पूरी तरीके से खराब नहीं माना जा सकता है, पर सही तरीके से और सीमित मात्रा में सेवन करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। लिवर से जुड़ी कोई भी गंभीर समस्या होने पर आप तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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फैटी लिवर के मरीज आम का सेवन किस तरीके से कर सकते हैं? 

दरअसल, डॉक्टर के अनुसार फैटी लिवर से पीड़ित मरीजों को आम का सेवन सही तरीके से और सीमित मात्रा में करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस तरह की स्थिति में आप आम का सेवन निम्नलिखित तरीकों से कर सकते हैं, जैसे कि 

  1. ऐसे में आपको 80 ग्राम यानी की 2 से 3 स्लाइस ही आम का सेवन करना चाहिए।
  2. इस तरह की स्थिति में आपको इसके जूस का सेवन करने से बचना है और पूरे आम का ही सेवन करना चाहिए, ऐसा इसलिए क्योंकि जूस में फाइबर की मात्रा काफी कम होती है और शुगर ज्यादा होता है, जो लिवर की सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकता है। 
  3. ऐसे में, आपको आम का सेवन अकेले नहीं करना है, उस को दूसरे फूड्स के साथ मिलाकर खाना है। यह काफी फायदेमंद हो सकता है। यह ब्लड शुगर स्पाइक्स कम करने और अचानक बढ़ने से रोकने में काफी मदद प्रदान करता है। 
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ग्रेड के अनुसार किस मरीज को आम खाना चाहिए और किस मरीज को आम खाने से परहेज करना चाहिए? 

दरअसल, ग्रेड-1, 2 और 3 फैटी लिवर के मरीजों की स्थिति एक दूसरे से काफी अलग सी होती है, इसलिए ऐसे में आम खाने की जानकारी होना बहुत जरूरी है, जैसे 

  1. ग्रेड-1 फैटी लिवर की समस्या को लाइफस्टाइल और डाइट से ठीक किया जा सकता है, इसलिए ऐसे में आप आम का सेवन सही और सिमित मात्रा में कर सकते हैं। हालांकि, दिन में इसका सेवन करें और रात को इसके सेवन से बचाव करें। 
  2. ग्रेड-2 फैटी लिवर की समस्या में आम का सेवन सीमित मात्रा में करना फायदेमंद होता है। 
  3. ग्रेड-3 फैटी लिवर की समस्या में लिवर में काफी सूजन आ जाती है। इसलिए, ऐसे में आम का सेवन करना हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए, इस दौरान आम के सेवन से जितना हो सके परहेज करना चाहिए, क्योकि इससे समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। 

निष्कर्ष: दरअसल, आम खाने से सेहत को कई तरह के फायदे प्राप्त हो सकते हैं। इसलिए, फैटी लिवर की समस्या में आम का सेवन करना बेहद लाभदायक साबित हो सकता है। पर, इस तरह की समस्या में आम का सेवन केवल सीमित मात्रा में और सही तरीके से ही करना ठीक रहता है। क्योंकि, इस तरह की स्थिति में ज्यादा मात्रा में इसका सेवन लिवर के साथ-साथ सेहत के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। आम में मैंगिफेरिन काफी मात्रा में मौजूद होता है, जो लिवर को सेहतमंद रखने और लिवर में होने वाली समस्याओं को कम करने में काफी मदद प्रदान करता है। ऐसे में, अगर आपको फैटी लिवर, पीलिया, अचानक वजन कम होना, लगातार थकान और पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे में, अगर आपको आम का सेवन करना बेहद पसंद है, तो आप डॉक्टर की स्लाज लेकर ही आम का सेवन करें। यह न केवल आपकी सेहत के लिए, बल्कि लिवर की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। कुल मिलाकर, डॉक्टर की सलाह पर डाइट में आम का सेवन शामिल किया जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और लिवर से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने आप आज ही डॉ. वात्स्यायन संजीवनी आयुर्वेद शाला के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं। 

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल!

प्रश्न 1. किन लोगों को आम का सेवन करने से बिल्कुल परहेज करना चाहिए?

दरअसल, मधुमेह, किडनी की बीमारी, पाचन से जुडी बीमारी, अधिक वजन होना और शुगर लेवल कंट्रोल में न होना जैसी समस्यायों से पीड़ित लोगों को आम का सेवन करने से परहेज या फिर बहुत ही कम मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए। इसके इलावा, ग्रेड-2 या फिर ग्रेड-3 फैटी लिवर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को तो इसका सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टट से जरूर सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि, पके हुए आम में, फ्रुक्टोज और कैलोरी की मात्रा अधिक मात्रा में मौजूद होती है, जो लिवर में फैट की मात्रा को और भी ज्यादा बढ़ा सकती है। 

प्रश्न 2. क्या रात के समय आम का सेवन करना फैटी लिवर को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है?

चूँकि, आम में फ्रुक्टोज और कैलोरी भरपूर मात्रा में मौजूद होती है, जो लिवर को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही रात के समय शरीर की सभी गतिविधियां काफी कम हो जाती हैं, जिसकी वजह से शुगर एनर्जी में बदलने की जगह सीधे आपके लिवर में फैट के रूप में जमा हो जाता है। इसी के चलते हाँ, रात के समय आम का सेवन करना फैटी लिवर को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है।